श्री गणेश मंदिर वक्रतुंड महाकाय। सूर्यकोटि सम प्रभ। निर्विघ्न कुरु मे देव। सर्व कार्येषु सर्वदा॥ अर्थात् जिनकी सूँड़ वक्र है, जिनका शरीर महाकाय है, जो करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी हैं, ऐसे सब कुछ प्रदान करने में सक्षम शक्तिमान गणेश जी सदैव मेरे विघ्न हरें। शुभ कार्यो में प्रथम पूज्य श्री गणेशजी का आकर्षक एवं दर्शनीय मंदिर नगर के बीचों बीच बाज़ार चौक में स्थित है । यहाँ पर गणेश की मनोहारी पाषाण प्रतिमा मौजूद है । इस प्रकार की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा आस-पास के क्षेत्रो में कही भी नहीं है । मंदिर लगभग 250 वर्ष पुराना है । मंदिर में पीछे की और श्री हनुमान मंदिर एवं शिवजी का मंदिर है । गणेश चतुर्थी एवं अन्य विशेष अवसरों पर प्रतिमा का श्रृंगार देखते ही बनता है । गणेश जी को लगने वाला 56 भोग का प्रसाद भी लोकप्रिय है । गणेश चतुर्थी पर यंहा शुद्ध घी के लड्डू वितरित किए जाते है।
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Sanwer Nagar
भौगोलिक सांवेर तहसील की भौगोलिक स्थिती विश्व के मानचित्र पर (22.98 डिग्री) अक्षांश, 22 ° 58 '48 "भूमध्य रेखा और देशांतर (75.83 डिग्री) के उत्तर 75 ° 49' 47" प्राइम मेरिडियन के पूर्व में तथा समुद्र तल से न्यूनतम २३९.२९ मीटर पर स्थित है| सांवेर इंदौर संसदीय क्षेत्र में आता है| शासकीय मानचित्र बताते है की नैसर्गिक रूप से भी उन्नत है| गेंहू, कपास, चना, मक्का, सोयाबीन आदि यहाँ की मुख्या फसले है| ऐतिहासिक सांवेर मध्य प्रदेश का ऐतिहासिक नगर था जिस की झलकिया आज भी मिलती है | मालवा के मध्य में उत्तर छोर खान (ख्याता) नदी तट पर बसा सांवेर नगर में इतिहास लबालब भरा पड़ा है | सांवेर के पश्चिम में चन्द्रावती गंज के आगे ग्वालियर, पूर्व में पवार स्टेट और दक्षिण में होल्कर स्टेट की सीमाए लगती थी| आज भी सांवेर में ऐसे मकान, मंदिर और अन्य विरासत के प्रमाण मौजूद है | इस सांवेर का अतीत कितना सम्रद्धिशाली रहा होगा, इसका अंदाज सांवेर के कुछ पुराने माकन देखकर किया जा सकता है | आज भी इतिहास के बहुत अवशेष यहाँ मिलते है| सांवेर की वैभवता व् ऐश्वर्य की जीवनगाथा सुनाने वाले कई अवशे...
नाग मंदिर (नागपुर) सांवेर से 5 कि.मी. दूर नागपुर का नाग मंदिर बहुत प्राचीन व् प्रसिद्ध मंदिर है । पौराणिक मान्यता के अनुसार नाग मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा विक्रम संवत 1148 में हुयी थी । मंदिर में नागदेवता कि काले पत्थर की प्रतिमा है । प्रत्येक नागपंचमी पर यंहा श्रद्धालुओ कि भीड़ लगती है। सबसे मत्वपूर्ण है कि सदियों से यंहा पर हर नागपंचमी के दिन मेला लगता है।
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